दीनी मालूमात - नात लिरिक्स - इन हिंदी Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Nek muslim

S.A.KHALIFA

जब जिंदगी में कुछ समझ न आए तो क्या करें? इन हिंदी। Jab zindagi me kuch samaj na aaye to kya Karen? In hindi

  जब जिंदगी में कुछ समझ न आए तो क्या करें? इन हिंदी। Jab zindagi me kuch samaj na aaye to kya Karen? In hindi  🌙 जब जिंदगी में कुछ समझ न आए तो क्या करें? | अल्लाह पर भरोसा, सब्र और उम्मीद की इस्लामी सीखकभी-कभी जिंदगी में परेशानी ऐसी बढ़ जाती है कि इंसान के पास सब कुछ होते हुए भी दिल परेशान रहता है। कभी किसी अपने की चिंता… कभी घर की परेशानी… कभी पैसों की फिक्र… कभी किसी दुआ के पूरा होने का इंतजार… और कभी ऐसी परेशानी जिसका हल इंसान को दूर-दूर तक नजर नहीं आता। ऐसे वक्त में दिल के अंदर एक सवाल उठता है— “आखिर अब क्या होगा?” लेकिन एक मोमिन के लिए मुश्किल वक्त का मतलब यह नहीं कि अल्लाह ने उसे अकेला छोड़ दिया है। बल्कि यही वह समय है जब इंसान को अपने रब की तरफ और ज्यादा लौटना चाहिए । 🌿 कुरआन हमें मायूस होना नहीं सिखाता अल्लाह तआला कुरआन में फरमाता है: “अल्लाह की रहमत से मायूस न हो।” सूरह अज़-ज़ुमर, 39:53 यह आयत उस इंसान के लिए बहुत बड़ी उम्मीद है जो अपनी जिंदगी की परेशानी से टूट चुका हो। गलतियां हो गई हों, दुआ में देर हो रही हो या हालात मुश्किल हों—अल्लाह की रहमत का दरवाजा बंद नहीं...

Dini Malumat In Hindi-Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए

Dini Malumat In Hindi-Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/ मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए हम इस पोस्ट के जरिए जानेंगे Dini Malumat In Hindi Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/ मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए     जिसके जरिए आपको बंदा किस तरीके से अपने लिए नेकीयों का जरिया बना सकता है ये पता लग सकेगा। इस पोस्ट  Dini Malumat In Hindi Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/ मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए  के जरिए आसान नेकियान कोनसी हैं ये जान ना आसान हो जायेगा ताकि हम चलते फिरते ये आसान नेकियों को कमा कर  Nek banane Ki Masin/नेक  बनाने की मशीन बन सकें।  नेकियों के हरीस बन जाइए, यानी की ऐसी नेकी का काम करें के आप हर किसी से अलग दिखाई दे। दूसरों को नमाज़ी बनाने की मुहिम तेज से तेज कर दीजीए।मर्द : जब भी आप खुद नमाज बा जमाअत के लिए मस्जिद जाने लगें, दुसरो को भी तरगीब दे कर साथ लेते जाइए। या फिर जब औरतें नमाज घर पर अदा करें तो घर पर मौजूद अपने बच्चे या बहू बेटियों को भी तरगीब दे के चलो नमाज...