Dini Malumat In Hindi-Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए Skip to main content

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इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi |

  इस्लामी बहनों की नमाज़ " इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi | इस ब्लॉग में हम जानेंगे  इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी |   इस्लामी बहनों की नमाज़ हर मुस्लिम बहन के लिए अल्लाह तआला की सबसे अहम इबादतों में से एक है। सही तरीके से नमाज़ अदा करना, उसके फ़र्ज़, वाजिब, सुन्नत और शर्तों को जानना हर मोमिन बहन की ज़िम्मेदारी है। बहुत-सी इस्लामी बहनें नमाज़ पढ़ती तो हैं, लेकिन उन्हें नमाज़ के सही तरीके और ज़रूरी मसाइल की पूरी जानकारी नहीं होती। इस लेख में हम इस्लामी बहनों की नमाज़ का मुकम्मल तरीका आसान और सरल हिंदी भाषा में बताएँगे। साथ ही नमाज़ की शर्तें, फ़र्ज़, सुन्नत, पर्दे से जुड़े अहम मसाइल और आम गलतियों का भी ज़िक्र करेंगे, ताकि हर इस्लामी बहन अपनी नमाज़ को सही तरीके से अदा कर सके और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल कर सके। आइए, इस्लामी बहनों की नमाज़ के सही और सुन्नत के मुताबिक़ तरीके को विस्तार से समझते हैं। 🩵🩵🩵🩵🩵 दावते इस्लामी की किताब "इस्लामी बहनों की नमाज़" के मुताबिक नमाज़ की 6 शर्तें (नमाज़ के शराइत) नीचे दी गई हैं, जिनके बिना नमाज़ शुरू ही नही...

Dini Malumat In Hindi-Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए

Dini Malumat In Hindi-Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए
हम इस पोस्ट के जरिए जानेंगे Dini Malumat In Hindi Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए  जिसके जरिए आपको बंदा किस तरीके से अपने लिए नेकीयों का जरिया बना सकता है ये पता लग सकेगा। इस पोस्ट Dini Malumat In Hindi Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए के जरिए आसान नेकियान कोनसी हैं ये जान ना आसान हो जायेगा ताकि हम चलते फिरते ये आसान नेकियों को कमा कर Nek banane Ki Masin/नेक बनाने की मशीन बन सकें। 

  • नेकियों के हरीस बन जाइए, यानी की ऐसी नेकी का काम करें के आप हर किसी से अलग दिखाई दे।

  • दूसरों को नमाज़ी बनाने की मुहिम तेज से तेज कर दीजीए।मर्द : जब भी आप खुद नमाज बा जमाअत के लिए मस्जिद जाने लगें, दुसरो को भी तरगीब दे कर साथ लेते जाइए। या फिर जब औरतें नमाज घर पर अदा करें तो घर पर मौजूद अपने बच्चे या बहू बेटियों को भी तरगीब दे के चलो नमाज पढ़ें।

  • जिन्हें नमाज नहीं आती उन्हें नमाज सीखाइये। अगर आप के जरिए अगर एक भी नमाज़ी बन गया तो जब तक वोह नमाज पढ़ता रहेगा उस की हर हर नमाज का आपको भी सवाब मिलता रहेगा।

  • सही तरीके से कुरआने मजीद फुरकाने हमीद खुद भी सीखे और दुसरो को भी सिखाने की तर्गीब बना लीजिए। आप से सीखने वाला जब जब तिलावत करेगा आप को भी उसकी तिलावत का सवाब मिलता रहेगा।

  • हर मुसलमान को चाहिए के दूसरे मुसलमान भाई या मुसलमान बहन को चाहिए के वो अपनी मुसलमान बहन को अच्छी बातों की सिख दे। जब कभी भी किसी से मुलाकात हो और चन्द लोगो के बीच फुरसत का वक्त हो तो वहां पर👉 यहां वहां की बातें, गिबत, चुगली और एक दूसरे की बुराई करने से बेहतर है की कोई अच्छी तरबियत की बातें ही की जाए जिस से आज कल माहोल में जो फितना फसाद आम हो चुका है वो कुछ हद तक रुक जाए। 

  • हर मोमिन मुसलमान पर सबसे ज्यादा जरूरी है की अगर वो किसी की खुशी का या किसिके किसी जायज काम का जरिया बन सकता हो तो वो उस अमल को नेकी कमाने के लिए जरूर करें। अगर जरिया बन कर दूसरे मुसलमान भाई/बहन की भलाई में सामिल हुवा तो इन शा अल्लाह इसका बदला भी उसे नेकी से और उसके खुदके अटके हुवे काम बन जाने से ही मिलेगा।

  • किसी बुजुर्ग से हंसकर बात करना, उसकी खिदमत करना, उसे राहत और सुकून देते हुवे कोई मदद करना ये भी नेक मुसलमान की खूबियां है।

  • आप खुद सोचे अगर आपकी वजह से कोई एक सख्श नमाज़ी बन जाए तो वो जब तक नमाज पड़ेगा तब तक आपको उसका अजर और सवाब मिलता रहेगा। तो जितना हो सके नमाज की तर्गीब को आम कर दीजिए और जितना हो सके मरते दम तक दूसरों को नमाज़ी बनाने की मुहिम को आम कर दीजिए और आप खुद इस का हिसाब लगाते जाइए के जितने नमाज़ी बनते जायेंगे उतनी ही नेकिया आपके हिस्से में आती रहेंगी और वो भी जब तक नमाज पढ़ता रहेगा तब तक सबाब जारी ही रहेगा और इसका भी सिंपल मैथ्स है की अगर उस शख्स ने भी किसी और को दावत देदी नमाज की और वो भी नमाज़ी बना तो तब भी सवाब मल्टीपल(ज्यादा से ज्यादा गुना बढ़ कर) होता ही रहेगा।

  • जितना हो सके आप अपने आप को दिन की खिदमत में लगा ले। इस्लाम में सीखने के लिए बोहोत कुछ है। हर एक लम्हा आप कुछ नया सीखकर दुसरो को उसकी तरबियत दे कर अपने नेकियों को बढ़ा सकते हो। जैसी की, खाने की दुआ, पीने की दुआ, छोटी छोटी तस्बीहात जो जल्दी से पढ़ी जा सकती हो और जल्दी याद रह जाए, कोई छोटी सुरह या कुछ भी जो आपको याद है और किसीको नही आता है वो आप सिखाते चले।

  • चलने के आदाब, बोलने के आदाब, हसने के आदाब, या कोई ऐसा काम जो आपके सामने दिन के खिलाफ हो तो आप उसे उसी वक्त सही करने की कोशिश करे। ये भी नेकियों में इजाफे का अमल ही है।

  • खिलाफ्फे सरिअत अगर कोई भी बात हो तो अपनी समज और सूझ बूझ के हिसाब से उसे उसी वक्त ठीक करने की कोशिश करें। पर हां अगर ज्यादा मालूम नहीं हो तो कोई दलील करने के बजाए चुप रहे। या किसी आलिम से मशवरा करले। पर किसी भी खिलाफ्फे सरिअत काम को बढ़ावा ना दे। ये भी एक तरह से नेकी का अमल ही है।

  • अगर आप बेटी/बहु/बीवी/बहन है तो अपने फर्ज को ना भूले और किसी भी हाल में अपनी इज्जत की हिफाजत करें। ये बात आज सबसे ज्यादा जरूरी है की औरतें फ़ैशन में आकर या इस सोसियल मीडिया में देख कर बोहोत से गुनाहों में मुमतिला हो चुकी हैं, इसलिए बरा ए मेहरबानी इन गुनाहों भरे दलदल से बाहर निकल कर सही तरीके से जिंदगी गुजारे और दूसरी बहनों को भी इसकी तर्गीब दिलाए। 

  • मरदो पर भी यही बात लागू है की वो भी अपने आप को गुनाहों से बचाए और खुद भी बचे और अपने दोस्तों को या परिवार को भी गुनाहों से बचकर नेक बनने की तर्गीब दिलाए। जैसे कोई एक बिगड़ी हुवि चीज उसके साथ वाली सारी चीजों को बिगाड़ देती है वैसे ही एक बुरा इंसान उससे जुड़े सारे लोगों को भी बिगाड  सकता हैं। बस इसलिए आप खुद भी नेक बन जाए तो हो सकता है की आप से जुड़े हुवे सारे लोग भी नेकी के रास्ते पर आ जाए और इसका सवाब आप को मिलता रहे।

  • दिन भर में अच्छी नीयतें कर लीजिए और इन नियतों के साथ ही अपने काम करते जाइए। अगर आपने अच्छे काम की नियत करली है और वो काम पूरा न भी हुवा तब भी आपको उसका सवाब मिल जायेगा। तो क्यों न पूरा दिन अच्छी नीयतें करके ही गुजारे।

  • ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें के गुनाहों से बचते रहेंगे। गाने, बाजे, ड्रामों को देखने और सुन ने से बचना और इसकी जगह नाते वगैराह या तकरीर या कोई और दीनी तालीम को देख लिया करे ताकि इसमे भी नेकियों का अजर मिल सकें। 

  •  ऐसी ही ढेर सारी नेकियों की दावत को आम करके सुन्नतों भरे सफर के जरिए अपनी और दूसरों की इस्लाह की जोरदार मुहिम चला कर हर एक Musalmanon Ko Nek banane Ki Masin Ban jaiye/मुसलमानों को नेक बनाने की मशीन बन जाइए खुद भी गुनाहों से बचे और दुसरो को भी तरगीब दिलाते जाइए इन शा अल्लाह सवाब का अंबार लग जायेगा और दोनो जहानों में बेड़ा पार हो जायेगा। 

  • तेरे करम से ऐ करीम ! मुझे कौन सी सय मिली नहीं।
  • जोली ही मेरी तंग हैं! तेरे वहां कमी नहीं।
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