हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों आज हम इस ब्लॉग में जानेंगे कि हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश कैसे होती है और — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों के बारे में। अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू। मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आज हम एक ऐसे बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले विषय पर बात करेंगे, जो हमें अल्लाह की रहमत, मग़फ़िरत और अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। हमारी ज़िंदगी में हमसे जाने-अनजाने बहुत सी गलतियाँ और गुनाह हो जाते हैं। कभी हमारी ज़ुबान से किसी का दिल दुख जाता है, कभी हमारी नज़र से गलती हो जाती है, कभी हम किसी का हक़ अदा नहीं कर पाते और कभी हम अल्लाह की इबादत में कोताही कर बैठते हैं। लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह है कि अल्लाह अपने बंदों को अपनी रहमत से मायूस होने के लिए नहीं कहता। इंसान गुनाह करने के बाद अक्सर सोचता है— “अब मेरी तौबा कैसे कबूल होगी?” “मैंने बहुत गलतियाँ कर दी हैं, क्या अल्लाह मुझे माफ़ करेगा?” याद रखिए, जब तक इंसान सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है, तौबा का दरवाज़ा उसके लिए उम्मीद का दरवाज़ा है। 🌙 रात का समय औ...
इस्लामी बहनों की नमाज़ " इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi | इस ब्लॉग में हम जानेंगे इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी | इस्लामी बहनों की नमाज़ हर मुस्लिम बहन के लिए अल्लाह तआला की सबसे अहम इबादतों में से एक है। सही तरीके से नमाज़ अदा करना, उसके फ़र्ज़, वाजिब, सुन्नत और शर्तों को जानना हर मोमिन बहन की ज़िम्मेदारी है। बहुत-सी इस्लामी बहनें नमाज़ पढ़ती तो हैं, लेकिन उन्हें नमाज़ के सही तरीके और ज़रूरी मसाइल की पूरी जानकारी नहीं होती। इस लेख में हम इस्लामी बहनों की नमाज़ का मुकम्मल तरीका आसान और सरल हिंदी भाषा में बताएँगे। साथ ही नमाज़ की शर्तें, फ़र्ज़, सुन्नत, पर्दे से जुड़े अहम मसाइल और आम गलतियों का भी ज़िक्र करेंगे, ताकि हर इस्लामी बहन अपनी नमाज़ को सही तरीके से अदा कर सके और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल कर सके। आइए, इस्लामी बहनों की नमाज़ के सही और सुन्नत के मुताबिक़ तरीके को विस्तार से समझते हैं। 🩵🩵🩵🩵🩵 दावते इस्लामी की किताब "इस्लामी बहनों की नमाज़" के मुताबिक नमाज़ की 6 शर्तें (नमाज़ के शराइत) नीचे दी गई हैं, जिनके बिना नमाज़ शुरू ही नही...