हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों आज हम इस ब्लॉग में जानेंगे कि हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश कैसे होती है और — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों के बारे में। अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू। मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आज हम एक ऐसे बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले विषय पर बात करेंगे, जो हमें अल्लाह की रहमत, मग़फ़िरत और अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। हमारी ज़िंदगी में हमसे जाने-अनजाने बहुत सी गलतियाँ और गुनाह हो जाते हैं। कभी हमारी ज़ुबान से किसी का दिल दुख जाता है, कभी हमारी नज़र से गलती हो जाती है, कभी हम किसी का हक़ अदा नहीं कर पाते और कभी हम अल्लाह की इबादत में कोताही कर बैठते हैं। लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह है कि अल्लाह अपने बंदों को अपनी रहमत से मायूस होने के लिए नहीं कहता। इंसान गुनाह करने के बाद अक्सर सोचता है— “अब मेरी तौबा कैसे कबूल होगी?” “मैंने बहुत गलतियाँ कर दी हैं, क्या अल्लाह मुझे माफ़ करेगा?” याद रखिए, जब तक इंसान सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है, तौबा का दरवाज़ा उसके लिए उम्मीद का दरवाज़ा है। 🌙 रात का समय औ...
Huzur Esa Koi Intizam Ho Jaye Naat In Hindi Lirics/हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात इन हिंदी लिरिक्स/ hafiz tahir qadri - Naat lyrics in hindi
Huzur Esa Koi Intizam Ho Jaye Naat In Hindi Lirics/हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात इन हिंदी लिरिक्स/ hafiz tahir qadri - Naat lyrics in hindi
बोहोत ही खूबसूरत कलाम Huzur Esa Koi Intizam Ho Jaye Naat In Hindi Lirics/हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात इन हिंदी लिरिक्स/ hafiz tahir qadri - Naat lyrics in hindi ये नात शरीफ हाफिज ताहिर कादरी, ओवेश रजा कादरी, सैयद फसीउद्दीन सोहरवर्दी, हस्सान उल्लाह हुसैनी, अब्दुल्लाह खलील कादरी, हुनैन रजा कादरी, और कारी वाहिद जफार कासमी इन सब की आवाज में पढ़ी गई हैं। सब नात ख्वान की पेश कश अपने अपने अंदाज में बेहतरीन है। इन सब की आवाज में नात की लिंक नीचे लिरिक्स के बाद एड होंगी आप जिस नात ख्वाब को पसंद करते है उसकी नात को डायरेक्ट सुन सकते हैं। वैसे तो नात ख्वान सभी के सभी एक से बढ़कर एक होते हैं पर सब का नात पढ़ने का तरीका और नात का अंदाज अलग होता हैं, और सुनने वालोका भी अंदाज और पसंद अलग होती हैं इसलिए आप को जो भी आवाज और अंदाज पसंद हो आप नीचे लिंक से डायरेक्ट सुन सकते हैं। पर पहले हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात के लिरिक्स इन हिंदी ये रहें ।👇
Huzur Esa Koi Intizam Ho Jaye Naat In Hindi Lirics/हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात इन हिंदी लिरिक्स/ hafiz tahir qadri - Naat lyrics in hindi
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
मैं सिर्फ़ देख लूँ एक बार सुब्ह तयबा को ,
कज़ा से फिर मेरी दुनिया में शाम हो जाए।
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
तजल्लियात से भर लूँ मैं अपना कासा-ए-दिल,
कभी जो उन की गली में क़याम हो जाए ।
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
हुज़ूर आप जो सुन लें तो बात बन जाए,
हुज़ूर आप जो कह दें तो काम हो जाए ।
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
हुज़ूर आप जो चाहें तो कुछ नहीं मुश्किल,
सिमट के फासला ये चंद गाम हो जाए ।
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
नसीब वालो में मेरा भी नाम हो जाए,
जो ज़िंदगी की मदीने में शाम हो जाए ।
हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए,
सलाम के लिये हाज़िर ग़ुलाम हो जाए ।
मज़ा तो जब है फ़रिश्ते ये क़ब्र में कह दें,
सबीह ! जो मिदहत-ए-ख़ैरुल-अनाम हो जाए।
Huzur Esa Koi Intizam Ho Jaye Naat In Hindi/हुज़ूर ऐसा कोई इंतिज़ाम हो जाए नात इन हिंदी लिरिक्स/ hafiz tahir qadri - Naat in hindi sab naat khwan ki link👇
Comments
Post a Comment