इस्लामी बहनों की नमाज़ " इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi | इस ब्लॉग में हम जानेंगे इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी | इस्लामी बहनों की नमाज़ हर मुस्लिम बहन के लिए अल्लाह तआला की सबसे अहम इबादतों में से एक है। सही तरीके से नमाज़ अदा करना, उसके फ़र्ज़, वाजिब, सुन्नत और शर्तों को जानना हर मोमिन बहन की ज़िम्मेदारी है। बहुत-सी इस्लामी बहनें नमाज़ पढ़ती तो हैं, लेकिन उन्हें नमाज़ के सही तरीके और ज़रूरी मसाइल की पूरी जानकारी नहीं होती। इस लेख में हम इस्लामी बहनों की नमाज़ का मुकम्मल तरीका आसान और सरल हिंदी भाषा में बताएँगे। साथ ही नमाज़ की शर्तें, फ़र्ज़, सुन्नत, पर्दे से जुड़े अहम मसाइल और आम गलतियों का भी ज़िक्र करेंगे, ताकि हर इस्लामी बहन अपनी नमाज़ को सही तरीके से अदा कर सके और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल कर सके। आइए, इस्लामी बहनों की नमाज़ के सही और सुन्नत के मुताबिक़ तरीके को विस्तार से समझते हैं। 🩵🩵🩵🩵🩵 दावते इस्लामी की किताब "इस्लामी बहनों की नमाज़" के मुताबिक नमाज़ की 6 शर्तें (नमाज़ के शराइत) नीचे दी गई हैं, जिनके बिना नमाज़ शुरू ही नही...
दीनी मालूमात क्वाट्स इन हिंदी/किरदार की खूबसूरती /dini malumat quotes in hindi
दीनी मालूमात क्वाट्स इन हिंदी - कुछ खास किरदार की खूबसूरती पर क्वाट्स इन हिंदी।👇
1✨किरदार देख कर लोग हो जाते हैं मुरीद,
हम ज़बरदस्ती दिलों पर कब्ज़ा नहीं करते।
2✨किरदार शिद्दत से निभाइये ज़िन्दगी में,
क्यूंकि कहानी एक दिन सभी को बन जाना है।
3✨बरसों सवारते रहें अपने किरदार को,
मगर कुछ बाजी मार गए अपनी सूरत सवार के।
4✨यूँ तो फिर कई किरदार होते हैं इंसान के,
पर, जो जैसा समझे बस वही बन जाता हैं इंसान।
5✨किरदार की अजमत को कभी गिरने मत देना,
क्यूंकि मौत के बाद एक यही चीज है जो याद बन कर रेहजाती हैं।
6✨लाख सजरे खंगाल लो साहब,
वास्ते पड़ते ही किरदार सबके खुलते हैं।
7✨वजूद जितना भी हसीन हों किसिका,
आखिर किरदार बाजी मार ही जाता हैं।
8✨चढ़ता है नज़रो में शख्स तो बस अपने किरदार से,
यूँ ही किसी इंसान की इज़्जत नहीं होती।
9✨किरदार अपना पहले बनाने की बात किया करो,
फिर आइना किसी को दिखाने की बात करो।
10✨किरदार को अपने यूंहीं न बयां करो खुल कर,
ये शरीफों का शहर है इसमें अदाकारी जरूरी है।
11✨मेरे लफ्जों से न कर मेरे किरदार का फ़ैसला,
तेरा वजूद मिट जायेगा, मेरी हकीकत ढूंढ़ते ढूंढ़ते।
12✨ना ढूंढो मेरे किरदार को दुनिया की भीड़ में,
वफ़ादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते हैँ।
13✨बदन से रूह निकल जाती है तो बिछती है सफ-ए-मातम।
मगर किरदार मर जाये तो क्यूँ मातम नहीं होता?
14✨अहम किरदार हूँ अपनी कहानी की, मगर बाग़ी हूँ,
ज़िद्द पर आऊं तो कहानी से निकल जाती हूँ।
15✨काश आइना कोई ऐसा बन जाता जिसमें,
इंसान का चेहरा ही नहीं, किरदार भी दिखाई देता ।
16✨मेरे अल्फ़ाज़ ही मेरा किरदार बताते है।
किसी के दिल को छूते है, और दिल को लग जाते है।
17✨किताबो के पन्नो के परे भी है एक ज़िन्दगी,
सब के किरदार, किताबों में नहीं होते।
18✨इत्र से कपड़ो का महक ना कोई बड़ी बात नही,
मजा तो तब है जब मेरे किरदार से खुशबू आए।
19✨जिंदगीमें बडी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार,
ताकी परदा गिरने के बाद भी तालीयाँ बजती रहे।
20✨चेहरों की इतनी फ़िक्र क्यूँ है, रंगों की इतनी क़द्र क्यूँ है?
हुस्न अस्ल किरदार का है, गोरा काले से बेहतर क्यूँ है?
21✨न शक्ल बदली न ही बदला मेरा किरदार,
बस लोगों के देखने का नजरिया बदल गया।
22✨ज़िंदगी तेरी कहानी का हु मैं भी एक किरदार,
हो सके तो रोशन मेरा भी चेहरा करना।
23✨अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना,
लौट कर फूलों में वापस खुशबू नहीं आती।
24✨चलो चाँद का किरदार अपना लें हम दोस्तो,
दाग अपने पास रखें और रौशनी बाँट दें।
25✨ तू बस अपना किरदार निभा,
फिर किस की होगी मात न पूछ।
26✨आये हो निभाने को जब, किरदार ज़मीं पर,
तो कुछ ऐसा कर चलो कि ज़माना मिसाल दे।
27✨हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी,
वरना एड़ियां उठाने से कभी किरदार ऊँचा नहीं होता।
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