जब जिंदगी में कुछ समझ न आए तो क्या करें? इन हिंदी। Jab zindagi me kuch samaj na aaye to kya Karen? In hindi 🌙 जब जिंदगी में कुछ समझ न आए तो क्या करें? | अल्लाह पर भरोसा, सब्र और उम्मीद की इस्लामी सीखकभी-कभी जिंदगी में परेशानी ऐसी बढ़ जाती है कि इंसान के पास सब कुछ होते हुए भी दिल परेशान रहता है। कभी किसी अपने की चिंता… कभी घर की परेशानी… कभी पैसों की फिक्र… कभी किसी दुआ के पूरा होने का इंतजार… और कभी ऐसी परेशानी जिसका हल इंसान को दूर-दूर तक नजर नहीं आता। ऐसे वक्त में दिल के अंदर एक सवाल उठता है— “आखिर अब क्या होगा?” लेकिन एक मोमिन के लिए मुश्किल वक्त का मतलब यह नहीं कि अल्लाह ने उसे अकेला छोड़ दिया है। बल्कि यही वह समय है जब इंसान को अपने रब की तरफ और ज्यादा लौटना चाहिए । 🌿 कुरआन हमें मायूस होना नहीं सिखाता अल्लाह तआला कुरआन में फरमाता है: “अल्लाह की रहमत से मायूस न हो।” सूरह अज़-ज़ुमर, 39:53 यह आयत उस इंसान के लिए बहुत बड़ी उम्मीद है जो अपनी जिंदगी की परेशानी से टूट चुका हो। गलतियां हो गई हों, दुआ में देर हो रही हो या हालात मुश्किल हों—अल्लाह की रहमत का दरवाजा बंद नहीं...
Ya Nabi Salam Alayka-naat lyrics in hindi/या नबी सलाम अलैका-नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी
Ya Nabi Salam Alayka-naat lyrics in hindi/या नबी सलाम अलैका-नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी
ये कलाम Ya Nabi Salam Alayka-naat lyrics in hindi/या नबी सलाम अलैका-नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी आका ए दो जहां मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम की बारगाह में सलाम पेश करने के लिए खास तौर पर पढ़ा जाता हैं। बोहोत ही ख़ूबसूरत सलाम (नात) है जिसमे आका ए दो जहां मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम की दिल से, मोहब्बत से भरपूर बढ़ाई (तारीफ) की हैं और बंदा अपने लिए इस बढ़ाई (तारीफ) के जरिए अपने लिए दुआएं भी करता हैं। बोहोत ही प्यारा सलाम और हर आशिक की तरफसे दिलसे सलाम पेश करते हुवे ये रही नात की हिंदी लिरिक्स।
Ya Nabi Salam Alayka-naat lyrics in hindi/या नबी सलाम अलैका-नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी👇
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
भेज दो अपनी अताएं,😌
बख्श दो सबकी ख़ताएँ🤲
दूर हो ग़म की घटाएँ,
दूर हो ग़म की घटाएँ,
वज्द में हम यूँ सुनाएँ,
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
जब नबी पैदा हुए थे,
सब मलक दर पर खड़े थे,
रब्बे सल्लिम पढ़ रहे थे,
बाअदब यूँ कह रहे थे,
या नबी सलाम अलैका……।
या नबी सलाम अलैका……।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
आपका तशरीफ़ लाना,
वक़्त भी कितना सुहाना,
जगमगा उठा ज़माना,
हूरें गाती थी तराना,
या नबी सलाम अलैका……।
या नबी सलाम अलैका……।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
रहमतों के ताजवाले,
दो जहां के राजवाले,
अर्श के मेहराजवाले,
अर्श के मेहराजवाले,
आसियों की लाजवाले,
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
पूरी या रब ये दुआ कर,
हम दर-ए-मौला पे जाकर,
पहले कुछ नातें सुनाकर,
ये पढ़ें सर को झुकाकर,
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
बख़्श दो जो चीज़ चाहो,
क्यूँ के महबूबे ख़ुदा हो,
आप तो बाबे सखा हो,
आप तो बाबे सखा हो,
हाँ मुझे भी कुछ अता हो,
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
जान कर काफी सहारा,
ले लिया है दर तुम्हारा,
ख़ल्क़ के वारिस ख़ुदारा,
ख़ल्क़ के वारिस ख़ुदारा,
लो सलाम अब तो हमारा,
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
ऐ मेरे मौला के प्यारे,
नूर की आँखों के तारे,
अब किसे सैयद पुकारें,
अब किसे सैयद पुकारें,
हम तुम्हारे तुम हमारे,
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका…..।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
वास्ता ग़ौसुल वरा का,
वास्ता ख़्वाजा पिया का,
वास्ता कुल औलिया का,
वास्ता कुल औलिया का,
ग़म न हो रोज़े जज़ा का,
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
सुबह लूँगा शाम लूँगा,
तेरा प्यारा नाम लूँगा,
क़ब्र से उठते ही आक़ा,
क़ब्र से उठते ही आक़ा,
तेरा दामन थाम लूँगा,
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका…...।
या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका,
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
Ya Nabi Salam Alayka-naat lyrics in hindi/या नबी सलाम अलैका-नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी नात की कुछ बेस्ट लिंक भी एड की है आप डायरेक्ट इसे सुनकर भी पढ़ सकते हो या सिख सकते हो इसे कैसे पढ़ना हैं।👇अपने पसंदीदा नात ख़ान की लिंक को क्लिक करके डायरेक्ट सुने।👇💫
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