New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी Skip to main content

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इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi |

  इस्लामी बहनों की नमाज़ " इन हिंदी | Islami Bahno Ki Namaz in hindi | इस ब्लॉग में हम जानेंगे  इस्लामी बहनों की नमाज़" इन हिंदी |   इस्लामी बहनों की नमाज़ हर मुस्लिम बहन के लिए अल्लाह तआला की सबसे अहम इबादतों में से एक है। सही तरीके से नमाज़ अदा करना, उसके फ़र्ज़, वाजिब, सुन्नत और शर्तों को जानना हर मोमिन बहन की ज़िम्मेदारी है। बहुत-सी इस्लामी बहनें नमाज़ पढ़ती तो हैं, लेकिन उन्हें नमाज़ के सही तरीके और ज़रूरी मसाइल की पूरी जानकारी नहीं होती। इस लेख में हम इस्लामी बहनों की नमाज़ का मुकम्मल तरीका आसान और सरल हिंदी भाषा में बताएँगे। साथ ही नमाज़ की शर्तें, फ़र्ज़, सुन्नत, पर्दे से जुड़े अहम मसाइल और आम गलतियों का भी ज़िक्र करेंगे, ताकि हर इस्लामी बहन अपनी नमाज़ को सही तरीके से अदा कर सके और अल्लाह तआला की रज़ा हासिल कर सके। आइए, इस्लामी बहनों की नमाज़ के सही और सुन्नत के मुताबिक़ तरीके को विस्तार से समझते हैं। 🩵🩵🩵🩵🩵 दावते इस्लामी की किताब "इस्लामी बहनों की नमाज़" के मुताबिक नमाज़ की 6 शर्तें (नमाज़ के शराइत) नीचे दी गई हैं, जिनके बिना नमाज़ शुरू ही नही...

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी

बोहोत ही खूबसूरत न्यू कलाम बाय हाफिज ताहिर कादरी New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी में लिखी हुवि यहां आपको इस ब्लॉग पोस्ट में मील जायेगी। और इसके साथ इस Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है कलाम की नात पढ़ी हुवी लिंक भी नीचे डाली हुवी है आप डायरेक्ट इसे भी सुन सकते हैं। ये कलाम अभी हाल ही में लॉन्च हुवा है हाफिज ताहिर कादरी के यू ट्यूब चैनल पर और इस कलाम को बोहोत ही पसंद किया जा रहा हैं। और आप भी इस कलाम को एक बार सुनेंगे तो बार बार सुनने का दिल चाहेगा।। बोहोत ही पयारा कलाम है ये और उतने ही प्यारे अंदाज में हाफिज ताहिर कादरी ने इस मनकबत को पढ़ा हैं। वैसे तो हाफिज ताहिर कादरी की सभी नात की पेशकश बोहोत है शानदार और अलग तरीके से ही होती है जिस से उनके चाहने वाले हाफिज ताहिर कादरी की हर एक नात को बोहोत ही पसंद करते हैं। उनमेसे हो एक और नात ये Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है भी हैं।। 


क्योंकि अभी मोहरम के दिन चल रहे है इसलिए भी इस कलाम को बार बार सुनकर इमाम हुसैन के लिए अपनी मोहब्बत का इजहार इस कलाम के जरिए किया जा रहा है। इस कलाम को सुनकर दिल को बेहद ही सुकून मिलता है और बार बार सुनने को दिल चाहता हैं क्योंकि इमाम हुसैन की मोहब्बत जो दिल में है वो बयान कर पाना मुश्किल है हर उस बन्दे के लिए जो करबला के वाकिए को जानता है और महसूस करता है की हम किस आका के बंदे है जिनका नवासा ऐसा है जिसका नाम सुनते ही दिल से आवाज आती है की मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–😌👑मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,। तो इस बेहतरीन कलाम के हिंदी लिरिक्स को आप भी पढ़े और दूसरों तक भी जरूर शेयर करे ताकि हुसैन के हर चाहने वाले तक ये कलाम पहुंच सके।

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी👇

हुसैन,,,, हुसैन,,,,,हुसैन,,,,,हुसैन,,,,,हुसैन


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,


वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो जिसकी हुवी नेजे पे कुरआन की तिलावत,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,
तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,


वो जिसके मुक़ाबिल न टीका कोई यजीदी,,,
वो जिसने कमर तोड़के रखदी हैं सितम की,,,
वो जिससे है दुनिया ए सितम आज भी सहमी,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,


सुलताने करबला को हमारा सलाम हों,,,,

जानाने मुस्तफा को हमारा सलाम हो,,,,

अब्बास नामदार हैं ज़ख्मों से चूर चूर,,,,

उस पैकरे रिजा को हमारा सलाम हों,,,,

अकबर से नौजवान भी रन हुवे शहीद,,,,

हमसिकले मुस्तफा को हमारा सलाम हों,,,,

भाई भतीजे भानजे सब हो गए शहिद,,,,

हर लाल ए बे बहां को हमारा सलाम हों,,,

अशगर सी नन्ही जान पर दिल से फिदा हूं मैं,,,

मजलूम बेखता को हमारा सलाम हों,,,,

नासिर बिला ए शाह में कहता हैं बार बार,,,,

मेहमाने करबला को हमारा सलाम हों,,,,।

अस्सलाम या हुसैन,,,,अस्सलाम या हुसैन,,,,
अस्सलाम या हुसैन,,,,अस्सलाम या हुसैन,,,,


वो जिसके लिए तुल किया शाह ने सजदा,,,
वो जिसके लिए खुत्बे को सरकार ने रोका,,,,
वो जिसने शहे दी से किया वादा निभाया,,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


अल्लाह ने शहीदों का जिसे शाह बनाया,,,
कांधो पे जिसे सारे मदीना ने बिठाया,,,,
वो जिसने खुदा के लिए सर अपना कटाया,,,,
वो जिनके लिए अपना वतन जिसने है छोड़ा,,,,
जो गुलशने इस्लाम को हैं फूल से सींचा,,,,
तलवार के साए में किया जिसने है सजदा,,,,


शाह अस्त हुसैन,,, बादशाह अस्त हुसैन,,,,
दीं अस्त हुसैन,,,, दी पनाह अस्त हुसैन,,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,
तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,


वो सरवरे कौनैन का जो नूरे नजर हैं,,,,
वो हैदरे कर्रार का जो लखते जिगर हैं,,,,
वो बिनते नबी जोहरा का जो प्यारा पीसर हैं,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो जिसकी हुवी नेजे पे कुरआन की तिलावत,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।

वो जिसकी मोहब्बत है शहे दीं की मोहब्बत,,,
वो जिसकी अदावत है शहे दीं की अदावत,,,
वो जिसकी इनायत हैं शहे दीं की इनायत,,,,
हैं सिर्फ हजी जिसका जमाने में है चर्चा,,,
वो जिसका वली गौस कुतुब पढ़ते है खुतबा,,,,
वो जिसके दर ए पाक पे वलियों का हैं मेला,,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,



New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी👇by Hafiz Tahir kadri👇😌👑❤️





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