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पहुंचूं दरे सरकार पे नात लिरिक्स इन हिंदी/इंग्लिश/Pahuchoon Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai Lyrics in hindi/english

  पहुंचूं दरे सरकार पे नात लिरिक्स इन हिंदी/इंग्लिश/ Pahuchoon  Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai Lyrics in hindi/english नात ख्वान ज़ोहेब अशरफ़ी की आवाज में बेहतरीन नात शरीफ  पहुंचूं दरे सरकार पे नात लिरिक्स इन हिंदी/इंग्लिश/ Pahuchoon  Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai Lyrics in hindi/english पहुंचूं दरे सरकार पे नात लिरिक्स इन हिंदी/इंग्लिश/ Pahuchoon  Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai Lyrics in hindi/english हैं मेरे ख़यालों में वो एहसास की सूरत, मैं भूल जाऊं उनको ये मुमकिन ही नहीं है, दिल सुनके उनका नाम धड़कता है अदब से, हालांकि उन्हें आंख से देखा भी नहीं है! पहुंचूं दरे सरकार पे चाहा तो यही है, आगे मेरी तक़दीर है, तमन्ना तो यही है। यह उनकी रज़ा है मुझे भेजें मुझे रोकें, वापस मैं नहीं आऊंगा, सोचा तो यही है। पहुंचूं दरे सरकार पे चाहा तो यही है, आगे मेरी तक़दीर है, तमन्ना तो यही है। हैं गुंबदे ख़ज़रा के सिवा और भी जलवे, आंखों के लिए ख़ास, नज़ारा तो यही है। पहुचूं दरे सरकार पे चाहा तो यही है, आगे मेरी तक़दीर है, तमन्ना तो यही है। इज़हार ए ग़म ए हिज्...

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी

बोहोत ही खूबसूरत न्यू कलाम बाय हाफिज ताहिर कादरी New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी में लिखी हुवि यहां आपको इस ब्लॉग पोस्ट में मील जायेगी। और इसके साथ इस Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है कलाम की नात पढ़ी हुवी लिंक भी नीचे डाली हुवी है आप डायरेक्ट इसे भी सुन सकते हैं। ये कलाम अभी हाल ही में लॉन्च हुवा है हाफिज ताहिर कादरी के यू ट्यूब चैनल पर और इस कलाम को बोहोत ही पसंद किया जा रहा हैं। और आप भी इस कलाम को एक बार सुनेंगे तो बार बार सुनने का दिल चाहेगा।। बोहोत ही पयारा कलाम है ये और उतने ही प्यारे अंदाज में हाफिज ताहिर कादरी ने इस मनकबत को पढ़ा हैं। वैसे तो हाफिज ताहिर कादरी की सभी नात की पेशकश बोहोत है शानदार और अलग तरीके से ही होती है जिस से उनके चाहने वाले हाफिज ताहिर कादरी की हर एक नात को बोहोत ही पसंद करते हैं। उनमेसे हो एक और नात ये Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है भी हैं।। 


क्योंकि अभी मोहरम के दिन चल रहे है इसलिए भी इस कलाम को बार बार सुनकर इमाम हुसैन के लिए अपनी मोहब्बत का इजहार इस कलाम के जरिए किया जा रहा है। इस कलाम को सुनकर दिल को बेहद ही सुकून मिलता है और बार बार सुनने को दिल चाहता हैं क्योंकि इमाम हुसैन की मोहब्बत जो दिल में है वो बयान कर पाना मुश्किल है हर उस बन्दे के लिए जो करबला के वाकिए को जानता है और महसूस करता है की हम किस आका के बंदे है जिनका नवासा ऐसा है जिसका नाम सुनते ही दिल से आवाज आती है की मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–😌👑मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,। तो इस बेहतरीन कलाम के हिंदी लिरिक्स को आप भी पढ़े और दूसरों तक भी जरूर शेयर करे ताकि हुसैन के हर चाहने वाले तक ये कलाम पहुंच सके।

New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी👇

हुसैन,,,, हुसैन,,,,,हुसैन,,,,,हुसैन,,,,,हुसैन


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,


वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो जिसकी हुवी नेजे पे कुरआन की तिलावत,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,
तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,


वो जिसके मुक़ाबिल न टीका कोई यजीदी,,,
वो जिसने कमर तोड़के रखदी हैं सितम की,,,
वो जिससे है दुनिया ए सितम आज भी सहमी,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,


सुलताने करबला को हमारा सलाम हों,,,,

जानाने मुस्तफा को हमारा सलाम हो,,,,

अब्बास नामदार हैं ज़ख्मों से चूर चूर,,,,

उस पैकरे रिजा को हमारा सलाम हों,,,,

अकबर से नौजवान भी रन हुवे शहीद,,,,

हमसिकले मुस्तफा को हमारा सलाम हों,,,,

भाई भतीजे भानजे सब हो गए शहिद,,,,

हर लाल ए बे बहां को हमारा सलाम हों,,,

अशगर सी नन्ही जान पर दिल से फिदा हूं मैं,,,

मजलूम बेखता को हमारा सलाम हों,,,,

नासिर बिला ए शाह में कहता हैं बार बार,,,,

मेहमाने करबला को हमारा सलाम हों,,,,।

अस्सलाम या हुसैन,,,,अस्सलाम या हुसैन,,,,
अस्सलाम या हुसैन,,,,अस्सलाम या हुसैन,,,,


वो जिसके लिए तुल किया शाह ने सजदा,,,
वो जिसके लिए खुत्बे को सरकार ने रोका,,,,
वो जिसने शहे दी से किया वादा निभाया,,,,

मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


अल्लाह ने शहीदों का जिसे शाह बनाया,,,
कांधो पे जिसे सारे मदीना ने बिठाया,,,,
वो जिसने खुदा के लिए सर अपना कटाया,,,,
वो जिनके लिए अपना वतन जिसने है छोड़ा,,,,
जो गुलशने इस्लाम को हैं फूल से सींचा,,,,
तलवार के साए में किया जिसने है सजदा,,,,


शाह अस्त हुसैन,,, बादशाह अस्त हुसैन,,,,
दीं अस्त हुसैन,,,, दी पनाह अस्त हुसैन,,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,
तोहिब्बुल हुसैन,,,,तोहिब्बुल हुसैन,,,,


वो सरवरे कौनैन का जो नूरे नजर हैं,,,,
वो हैदरे कर्रार का जो लखते जिगर हैं,,,,
वो बिनते नबी जोहरा का जो प्यारा पीसर हैं,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो हैदरे कर्रार की है जिसमे सुजाअत,,,
वो जिसकी शहादत पे है कुरबान शहादत,,,
वो जिसकी हुवी नेजे पे कुरआन की तिलावत,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।

वो जिसकी मोहब्बत है शहे दीं की मोहब्बत,,,
वो जिसकी अदावत है शहे दीं की अदावत,,,
वो जिसकी इनायत हैं शहे दीं की इनायत,,,,
हैं सिर्फ हजी जिसका जमाने में है चर्चा,,,
वो जिसका वली गौस कुतुब पढ़ते है खुतबा,,,,
वो जिसके दर ए पाक पे वलियों का हैं मेला,,,,


मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद हैं,,,,,
उनका जो वफादार हैं वो भी पसंद हैं,,,,,।


हुसैन मौला हुसैन,,,,, हुसैन मौला हुसैन,,,,,
हुसैन मौला हुसैन,,,,,हुसैन मौला हुसैन,,,,,



New Muharram Kalam 2023- Mujko Hussain e Paak Bara Hi Pasand Hai-Mankabat-Hafiz Tahir Qadri-Naat Lyrics In Hindi/मुझको हुसैन ए पाक बढ़ा ही पसंद है–मनकबत–हाफिज ताहिर कादरी–नात लिरिक्स इन हिंदी👇by Hafiz Tahir kadri👇😌👑❤️





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