हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों आज हम इस ब्लॉग में जानेंगे कि हर शब साठ हज़ार की बख़्शिश कैसे होती है और — अल्लाह की रहमत से मायूस न हों के बारे में। अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू। मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आज हम एक ऐसे बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले विषय पर बात करेंगे, जो हमें अल्लाह की रहमत, मग़फ़िरत और अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। हमारी ज़िंदगी में हमसे जाने-अनजाने बहुत सी गलतियाँ और गुनाह हो जाते हैं। कभी हमारी ज़ुबान से किसी का दिल दुख जाता है, कभी हमारी नज़र से गलती हो जाती है, कभी हम किसी का हक़ अदा नहीं कर पाते और कभी हम अल्लाह की इबादत में कोताही कर बैठते हैं। लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह है कि अल्लाह अपने बंदों को अपनी रहमत से मायूस होने के लिए नहीं कहता। इंसान गुनाह करने के बाद अक्सर सोचता है— “अब मेरी तौबा कैसे कबूल होगी?” “मैंने बहुत गलतियाँ कर दी हैं, क्या अल्लाह मुझे माफ़ करेगा?” याद रखिए, जब तक इंसान सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ लौटता है, तौबा का दरवाज़ा उसके लिए उम्मीद का दरवाज़ा है। 🌙 रात का समय औ...
Aey Saba Mustafa Se Keh Dena Naat Lyrics In hindi/ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी
Aey Saba Mustafa Se Keh Dena Naat Lyrics In hindi/ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी नात लिरिक्स इन हिंदी में इस ब्लॉग में नात लिरिक्स हैं, Aey Saba Mustafa Se Keh Dena Naat Lyrics In hindi/ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी ये नात शरीफ आका ए दो जहां मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहो अलयहे व आलेही वसल्लम की बारगाह में सलाम पेश करने के लिए पढ़ी जाती हैं। इस नात की हिंदी लिरिक्स ये रहें।👇 Aey Saba Mustafa Se Keh Dena Naat Lyrics In hindi/ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना नात लिरिक्स इन हिंदी/नात लिरिक्स इन हिंदी👇 ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना, ग़म के मारे सलाम कहते हैं। याद करते है तुमको शाम-ओ-सहर, बे-सहारे सलाम कहते हैं। ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना , ग़म के मारे सलाम कहते हैं। अल्लाह अल्लाह हुज़ूर की बातें, मरहबा रंगो नूर की बातें, चांद जिनकी बलायें लेता है, और तारे सलाम कहते हैं। ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना, ग़म के मारे सलाम कहते हैं। ज़ाईरे क़ाबा तू मदीने में, मेरे आक़ा से इतना कह देना, प्यारे आक़ा रसूल सुन लीजे, ग़म के मारे सलाम कहत...